शुक्रवार, 4 जून 2010

नया अवतार आने को है....

जी नहीं, मैं कोई सनसनीखेज खुलासा नहीं कर रहा हूं. क्योंकि मैं कोई न्यूज चैनल नहीं हूं और इंडिया टीवी तो कतई नहीं हूं। मैं तो कोई और ही खबर आपको दे रहा हूं। जैसे अमिताभ बच्चन को, फिल्मों में बतौर हीरो के तौर पर राकेश रोशन को और अब नए जमाने के हिमेश रेशमिया को आपने जुल्फों में देखा है और अगर वे बिना बिग के नजर आएं तो आपको अटपटा लगेगा। वैसे ही ब्लॉग जगत के एक जाने माने हस्ताक्षर को आप आज से नए लुक में देखंेगे अर्थात अल्पकेशी से जुल्फिकार अली बन गए हैं हमारे एक ब्लॉगर डा. महेश परिमल। आप अभी उन्हें मेरे ब्लॉग पर समर्थको में नंबर ६ पर देख सकते हैं। लंबे समय तक खुद ही अपने अत्यल्प केशों को लेकर परिहास करते रहे डा. परिमल ने वीबिंग कराने का न केवल निर्णय लिया बल्कि छुटटी के दिनों में इसका सफल प्रयोग कर चुके हैं। वे घर से दुपहिया वाहन पर हेलमेट लगाकर निकलते और कुछ दूर जाकर हेलमेट उतारकर नए लुक में शहर में घूमकर देख चुके हैं। बताते हैं कि नए लुक में वे युवा नजर आ रहे हैं। इन दिनों वे छुटटी पर हैं और बेखौफ और बेफिक्र होकर अपने नए नवेले बालों और लुक का लुत्फ ले रहे हैं। जब वे अवकाश से लौटेंगे अर्थात भोपाल में पुनरागमन करते ही स्थाई रूप से नए लुक में उपलब्ध होंगे। हो सकता है ब्लॉग पर भी अपने नये लुक वाली तस्वीर का अवतरण करें। मुझसे उन्होंने बीते माह इस मामले में मशविरा किया था। मैंने अपने दो तीन मित्रों के इस संबंध में पॉजिटिव रिस्पांस के मददेनजर डा. परिमल को भी यह बदलाव करने का सुझाव दिया था। डा. परिमल को जानने वालों से आग्रह है कि वे ब्लॉग पर या साक्षात नए लुक में उन्हें देखें तो जो भी प्रतिक्रिया हो उससे मुझे भी अवगत कराएं तो अच्छा लगेगा। क्योंकि इस अंदाज परिवर्तन में मेरा समर्थन भी शामिल है।

3 टिप्‍पणियां:

sanjeev persai ने कहा…

अद्भुत दृश्य कि कल्पना मात्र से ही मन आनंदित हो उठा है खबर के लिए धन्यवाद

http://dr-mahesh-parimal.blogspot.com/ ने कहा…

सतीश भाई,
नए अवतार के बारे में पढ़कर अच्छा लगा। पढ़ते हुए तो मैं भूल ही गया कि यह मेरे बारे में ही लिखा गया है। लेखनी मन को छू गई। आपने इसे बहुत ही सहजता से लिया। बाकी कई ने तो विभिन्न कमेंट किए। पैकेज कित्ते का रहा, कित्ते में पड़ा, रूप परिवर्तन की क्या कीमत होती है? अब हमारी आँखें नहीं चौंधियाएँगी? अरे! वाह, आपकी उम्र तो काफी कम हो गई। इन सबसे हटकर मैंने कभी किसी की बात का बुरा नहीं माना। आपकी टिप्पणी पढ़ी, तो अच्छा लगा। इतनी प्रभावी प्रतिक्रिया और किसी की नहीं रही। आप इसी तरह लिखते रहे, हमें सोचने के लिए विवश करते रहे, आपकी लेखनी और भी अधिक प्रभावशाली हो, हँसते रहें, हँसाते रहें, इन्हीं शुभकामनाओं के साथ
डॉ. महेश परिमल

http://dr-mahesh-parimal.blogspot.com/ ने कहा…

सतीश भाई,
इसमें तस्‍वीर पुरानी आ गई है, मेरे ब्‍लाग से नई तस्‍वीर लेकर आप लोगों को मेरे नए रूप से रूबरू करवा सकते हैं।
डॉ. महेश परिमल